जिन चिज़ों के करने से रोज़ा नहीं टूटता है।

142 1024x934 जिन चिज़ों के करने से रोज़ा नहीं टूटता है।

रमज़ान महीने की बर्कत और पवित्रता से हम उसी समय लाभ उठा सकते हैं जब हम अपने बहुमूल्य समय का सही प्रयोग करेंगे, इस कृपा, माफी वाले महीने में सही से अल्लाह तआला की पुजा- अराधना करेंगे जिस तरह से प्रिय रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अल्लाह तआला की पुजा- अराधना किया है। वह इबादतें करेंगे जिसके करने से हमें पुण्य प्राप्त हो और हमारी झोली पुण्य से भर जाए और हमारा दामन पापों से पाक साफ हो जाए और उन कामों से दूर रहें जो इस पवित्र महीने की बर्कत तथा अल्लाह की कृपा, माफी से हमें महरूम ( वंचित) कर दे।

रमज़ान के महीने की सब से महत्वपूर्ण इबादत रोज़ा (ब्रत) है जिसे उसकी वास्तविक स्थिति से रखा जाए और उन कर्मों तथा कार्यों से दूर रहा जाए जो रोज़े को भंग ( खराब) कर दे।

रोज़े रखने के लिए सब से पहले रात या सुबह सादिक़ से पहले ही रोज़ा रखने की नीयत किया जाए। इस लिए कि जो व्यक्ति रात में ही रोज़ा की नीयत नही करेगा, उस का रोज़ा पूर्ण न होगा। मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का कथन है ” जो व्यक्ति रात ही से रोज़ा की नीयत न करे , उस का रोज़ा नही। ” ( अल- मुहल्लाः इब्नि हज़्म, अल-इस्तिज़्कारः इब्नि अब्दुल्बिर)

रोज़े की हालत में यदि कोई भूल कर खा पी ले तो उस का रोज़ा भंग नहीं होता जैसा कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सही हदीस से प्रमाणित है।

तो उन्हीं चीजें के करने से रोज़ा टूट जाता है जिन चीज़ों के प्रति हदीस या कुरआन से प्रमाणित है और रोज़े की स्थिति में उन से मना किया गया है। इनके अलावा वस्तुओं के करने से रोज़ा नहीं टूटता है। परन्तु कुछ चीज़े के प्रति लोगों में रोज़े के टूटने का आशंका हैं परन्तु उस से रोज़ा टूट नहीं है।

उन्हीं चीज़ों के प्रति निम्न में कुछ बातें पैश की जाती है।

  1.  आंख और नाक में एक दो बूंद दवा (औषधि) डालने से जो गले तक नहीं पहुंचे।

2.  शरीर के सुराखों से जाने वाले पानी और तेल से रोज़ा नहीं टूटता है।

3.  जांच के कारण शरीर से निकाले जाने वाले थोड़ा खून से रोज़ा नहीं टूटता है।

4.  रोग के कारण इंजेक्शन लेने से रोज़ा नहीं टूटता है जैसे कि सूगर की बिमारी के लिए इंसुलीन का इंजेक्शन आदि सिवाए भूक मारने और शक्ति पहुंचाने वाले इंजेक्शन न हों।

5.   सुरमा लगाने से रोज़ा नहीं टूटता है।

6.   खुश्बू लगाने से रोज़ा नहीं टूटता है।

7.   दांतून करने से रोज़ा नहीं टूटता है। बल्कि सुन्नत से प्रमाणित है कि दोपहर से पहले करना अच्छा है यदि कोई दोपहर के बाद भी मिस्वाक करता है तो कोई बात नहीं परन्तु मिस्वाक करते समय मुंह से निकलने वाले धूक को न निगला जाए।

8.   पत्नी को धोड़ा बहुत चुम्मा लेने और शरीर से शरीर मिला कर सोने से रोज़ा नहीं टूटता है। परन्तु चुम्मा लेने और शरीर से शरीर मिला कर सोने से दोनों में संभोग की इच्छा उत्पन्न न हों और रोज़े की सीमा का उलंघन न हों तो पति और पत्नी इस प्रकार रह सकते हैं, यदि पति और पत्नी के इस प्रकार रहने में रोज़े की सीमा का उलंघन का भय हों तो दोनों दूर रहेंगे। जैसा कि आईशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) की हदीस से पता चलता है।

9.   रात में पत्नी से संभोग किया और सो गये और आंख फजर के बाद खुली तो वह उठ कर गुस्ल करेगा और रोजा रखेगा जैसा कि आईशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) की हदीस से प्रमाणित है कि ” रसूल (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) अपनी पत्नी के साथ रहने के कारण जनाबत से होते और फजर हो जाता और फिर उठ कर गुस्ल करते और रोज़ा जारी रखते थे। ” (सही बुखारी, सही मुस्लिम)

10.    दिन में सोने की स्थिति में स्पनदोष हो गया तो रोज़ा नहीं टूटेगा क्योंकि यह उस के शक्ति से बाहर है।

11.   पानी में नहाने और डुपकी लगाने से रोज़ा नहीं टूटता है। अगर्चे के कुछ विद्वानों इसे मक्रूह माना है।

12.   यदि पत्नी का पति गुस्से वाला हो तो नमक चखने के लिए खाना चख सकती हैं परन्तु कांठ (हलक) से निचे न पहुंचे।

13.   स्प्रेयर चिकित्सा के प्रयोग भी रोज़ा नहीं टूटता है।

इनके अलावा भी विद्वानों कुछ बातें बयान फरमाया जिस से रोज़े नहीं टूटता है। क्यों रोज़ा ईबादत है और रोज़े के भंग होने के लिए कुरआन और हदीस से दलील चाहिये।

Scridb filter
This entry was posted in इस्लामी इबादत. Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>

Anti-Spam Quiz: